आज के विचार | Aaj ka vichar – How to win over others?

how to win over other

आज का विचार-‘‘दूसरों को जीतने की विधि’’

लोगों को कैसे जीतें और लोगों से हाँ कैसे करवाएँ। हैं ना राज की बात। मैं बताता हूँ आपको। लीजिए क्या आपको अच्छी हैल्थ चाहिएघ् जवाब मिलेगा हाँ। क्या आपको अच्छे त्मसंजपवद चाहिएघ् हाँ……क्या आपको बहुत सारी दौलत चाहिएघ् हाँ…क्या आपको शानदार करियर चाहिएघ् जवाब है हाँ।…..तो आपको अच्छे विचार भी चाहिएघ् जवाब है हाँं।…तो आपको आज का विचार भी चाहिएघ् हाँ…बस….यही तो तरीका है आप चार बार हाँ बुलवाइये और उसके बाद अपनी बात मनवाइये। है ना आसान तरीका।

‘‘अपनी बात आसानी से मनवाने के लिए कुछ ऐसे यत्न करिये

जिससे आपकी बात का जवाब कम से कम चार बार हाँ में मिले।’’

How to win over others?

How to win over people? How to make them say ‘yes’? I will reveal this secret today. Ask a man: Do you need good health? He will say ‘yes’. Ask him: Do you want good relations with others? Yes. Do you want lot of wealth? Yes. Do you want a successful career? Yes. Do you need a positive thought? Again the reply will be ‘yes’. This is the way to manage people and get your work done. Make your team say ‘yes’ four times and then assign the new target. Isn’t it easy?  

Devise ways to make people say ‘yes’ four
times and then assign them the new target.

Prof. Sanjay Biyani

Best wishes for Roop Chaudas festival

roop chaudas

आज का विचार-‘‘रूप चतुर्दशी की शुभकामनाएँ’’

 

आज रूप चौदस है, दीपावली के एक दिन पहलें का दिन, खूबसूरती का दिन, महिलाओं का दिन, अच्छा दिखने का दिन। अच्छा दिखना कितना जरूरी है, यह हमें खुशी देता है, लेकिन मैं आपको एक खास बात बताना चाहता हूँ, यह रूप चौदस कैसे आया और प्रतिदिन रूप चौदस कैसे बन जाए, कल हमने कृतज्ञता की बात की, आज हमें लगता है, प्रेम का दिन है, जब दूसरों के प्रति करूणा आती है, प्रेम आता है, देने का भाव आता है तो ये सभी भाव आपके चेहरे को खूबसूरत बना देते हैं जिसकी वजह से आप सुंदर दिखते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई क्रीम या उबटन लगाना इतना महत्वपूर्ण है जितना कि हमारे अंदर के इन गुणों को बढा देना, मैं निवेदन करूँगा कि आप अपने इन मौलिक गुणों को बढाएँ।

‘‘रूप चौदस की हार्दिक शुभकामनाएँ।’’

Best wishes for Roop Chaudas festival

Today is Roop Chaudas, the festival celebrated on the eve of Diwali. As this festival celebrates beauty, it is dedicated to women, who dress up to look their best on this day. Today, I will tell you how one can enhance one’s beauty naturally. Recently we talked about gratitude. When we love people unconditionally, become kind towards them, these feelings add glow to our countenance and we start looking beautiful. We don’t need fairness creams and face packs. I request you to inculcate love, kindness and gratitude in yourself to enhance beauty.

Best wishes for Roop Chaudas festival

 

Prof. Sanjay Biyani

आज के विचार | Aaj ka vichar – Love

आज का विचार-‘‘प्रेम कैसे करें’’

 

कुछ लोग अभी नए रिश्ते में बंधे हैं या वे नया काम करने जा रहे हैं वे जानना चाहते हैं कि प्रेम कैसे करेंघ्……मैं आपको बताता हूँ प्रेम करने का सही तरीका।……. देखिये आप जिससे भी प्रेम करना चाहते हैं, आप उसकी आवश्यकताओं के अनुसार हो जाइये, उसके स्वाभाव के अनुसार हो जाइये आप वास्तव में सच्चे प्रेमी बन जाएँगे। फिर चाहे वो आपका करियर हो अथवा आपका व्यवसाय या आपका अपना रिश्ता जिसे आप निभाने जा रहे हैं।

‘‘जिससे आप प्रेम करना चाहते हैं तो

सर्वप्रथम उसकी आवश्यकता व स्वभावानुसार बन जाना चाहिए।’’

Love

People forge new relations. They want their relations to be full of love. How do they do it? I feel that one can infuse love in a new relationship if he aligns his conduct and needs with the other person’s needs. This will strengthen the new relationship, be it in career or the corporate world.    

Align your conduct and needs with the person you
love. This will strengthen the relationship.

Prof. Sanjay Biyani

आज के विचार | Aaj ka vichar – Conflict

conflict

 

आज का विचार-‘‘लडाई’’ 


आज का विचार है कि, एक दिन आपका किसी से झगडा हो गया है, आप ये सोच रहे हैं कि बाहर की वजह से अन्दर लडाई हुई थी या, अन्दर की वजह से बाहर लड़ाई हुई थीघ् ……मैं आपको बताता हूँ इस लडाई का आरंभ आपके अन्दर से हुआ था। आपका अज्ञान, आपकी अपनी लड़ाई है जिसकी वजह से बाहर लड़ाई हुआ करती है।

‘‘अक्सर बाहरी दुनिया में हमारे लडाई झगडे का कारण हमारे अन्दर चल रही लडाई हुआ करती है और यह भीतर की लडाई अज्ञानता के कारण है।’’

Conflict

One day, you had a fight with somebody. There could be several reasons behind it. Is it that our inner conflicts show up in our conduct which, in turn, triggers conflicts outside? I tell you… our inner turmoils inevitably affect our social life. Our ignorance causes all our outside turmoils.   

Our inner conflicts show up in our conduct, and thus trigger conflicts outside. Ignorance is the root cause of all inner conflicts

Prof. Sanjay Biyani

 

   
 
   

आज का विचार-‘‘चोरी’’

theft

 

अष्टांग योग में एक शब्द आता है अस्तेय अर्थात् चोरी न करना। कुछ लोग कहते हैं मैंने छोटी चोरी की है और दूसरे ने बडी चोरी की है। मुझे लगता है छोटी और बडी चोरी नही होती ये तो अवसर होता है जिसे बडा अवसर मिला उसने बडी चोरी की, जिसे छोटा अवसर मिला उसने छोटी चोरी की। चोरी-चोरी है वह मन को समान रूप से ही खराब करती है।

‘‘चोरी कभी छोटी या बडी नही होती, छोटा बडा तो महज अवसर होता है। मन तो दोनों से ही खराब होता है’’

 

Theft

In Ashtanga Yog comes a term ‘Asteya’ which means ‘don’t steal’. A person may seek some reprieve saying that he stole a minor thing while the other one was guilty of a major theft. Theft is theft, whether minor or major. It is all about a chance. One who gets a chance to steal something minor steals the minor thing. Had he got a chance to commit a major theft, he would have definitely done it. A theft – small or big – harms one’s conscience equally.

Theft is a theft, whether minor or major. It harms one’s conscience.

Prof. Sanjay Biyani

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आज का विचार-‘‘श्रद्धा और डर’’

डॉक्टर और टीचर्स, अक्सर हमें क्यों डराते हैंघ् ये इसलिए डराते हैं क्योंकि आपकी श्रद्धा और विश्वास बहुत कमजोर है और जब भी आपका अपने में डर पैदा हो जाता है तो आपकी दूसरों मे श्रद्धा पैदा हो जाती है विश्वास बढ जाता है और इसी कारण अक्सर आपके अपने टीचर्स या डॉक्टर, आपकी अपनी कमी, यानि अविश्वास, यानि अश्रद्धा के कारण ही आपको डराते हैं।

‘‘अक्सर डॉक्टर और टीचर्स हमें इसलिए डराते हैं ताकि हमारा स्वयं के प्रति अविश्वास और उनके प्रति विश्वास पैदा हो जाए।’’

Why do doctors and teachers often frighten us? They frighten us because our devotion and faith are very weak and whenever you get frightened then your devotion is raised in others and faith increases and due to this your own teachers and doctors frighten you because of your own lack of faith and devotion.

“Usually doctors and teachers frighten us so that our faith in them increases and we lose faith in ourselves”

Dr. Sanjay Biyani

आज का विचार-‘‘संस्कृति’’

दूसरे के खाने को मैं खा जाऊँ, ये प्रकृति एक प्रकार की विकृति है। दूसरा अपना खाना खाएँ मैं अपना खाना खाऊँ ये प्रकृति है, लेकिन दूसरे ने खाना नहीं खाया इसी की फिक्र करना यही हमारी संस्कृति है।

‘‘दूसरों के भोजन की भी चिंता करना हमारी संस्कृति है।’’

Culture

To cheat somebody of his rightful share (of food, property, assets etc) is not human nature. I consume my food, enjoy my assets & you consume your food, enjoy your assets – this is human nature. But we help the other person & feed his empty stomach – this is our culture.

Caring for the other is our culture.

Prof. Sanjay Biyani

आज का विचार-‘‘स्वः प्रबंधन’’

आज आप पहली बार गाडी में बैठे हैं, बहुत डरे हुए हैं, आपको क्लच एवं गियर मंे संतुलन करना नही आ रहा है। आप घबराए हुए हैं ठीक इसी तरह से अगर आप अपने च्तंबजपबंस स्पमि में भी डर रहे हैं तो इसका सीधा सा मतलब है कि आपको स्वयं को डंदंहम करना अभी नही आया है।

‘‘हमारे डर का कारण सेल्फ मैनेजमेन्ट की कमी है।’’

Self-management

When you get behind the wheel for the first time, you have a natural fear of a mishap. Why? Because you have a difficulty in synchronizing the clutch-gear functioning. Similarly, if you have a fear in your practical life, it means you lack effective self-management.

Lack of self management induces fear in our life.

Prof. Sanjay Biyani

आज का विचार-‘‘स्वास्थ्य’’

आज का विचार यह है कि, असत्य से अस्वस्थ व सत्य से स्वास्थ्य का कोई सम्बन्ध हैघ् …..देखिए ना जब हम असत्य बोलते हैं, तो हमारी पल्सरेट हाई हो जाती है, हमारा ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है और डॉक्टर भी तो यही कहते हैं कि ज्यादातर रोग अनो शारीरिक है। मन से शुरू होते हैं एवं शरीर को जकड लेते हैं, यानि कितना आसान है कि सत्य बोलिए और स्वस्थ रहिए।


‘‘सत्य बोलिए और स्वस्थ रहिये।’’

Health

Does telling lies make us ill? Does speaking truth make us healthy? Yes, our health has a connection with lies and truth. When we lie, our pulse rate and blood pressure go up. Doctors also say that most ailments have their genesis in our mind. So always speak the truth and stay healthy.  

Speak the truth and stay healthy.

Prof. Sanjay Biyani

 

आज का विचार-‘‘शत्रु’’

आज का विचार यह है कि, हमें अपने शत्रुओं को धन्यवाद देना चाहिए। आप सोच रहे होगें कि शत्रुओं को धन्यवाद!….हाँ भई हाँ! क्योंकि हम अपने मित्रों से इतना नही सीख पाते जितना अपने शत्रुओं से सीख लेते हैं! क्योंघ्….सही है ना बात
‘‘हम अपने मित्रों से इतना नहीं सीख पाते जितना अपने
शत्रु से सीख पाते हैं। अतः अपने शत्रुओं को
धन्यवाद दें क्योंकि असल में वो ही आपको अधिक सिखाते हैं।’’

Enemy

One must always be thankful to his enemies and opponents. Why do I say so? Because we learn more from our opponents than from friends. Think over it and you will agree.

Be grateful to your enemies for the lessons they teach you.

Prof. Sanjay Biyani