आज का विचार-‘‘रिश्तों की मर्यादा’’

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आज का विचार है कि, सार्वजनिक स्थानों पर आज का युवा प्यार का इजहार करते हुए बडे, अजीबों, गरीब हरकतें करते देखे जाते हैं…….क्या यह ठीक हैघ् देखिए एक जानवर अपने आपको, जानवर समझता है शरीर समझता इसलिए जो इच्छा हो वो करता है, परन्तु आप इंसान हैं, आपकी भावनाएँ हैं, इमोशंस है, रिश्तों की मर्यादा रखिए नही तो फिर कुछ समय बाद पछताना पड सकता है।

‘‘सार्वजनिक स्थानों पर प्रेम का इजहार करने से बचें।’’

Sanctity of relationships

These days, youngsters can be seen indulging in, popularly called, ‘PDA’ (public display of affection). Is it acceptable to show physical intimacy to a partner at a public place? An animal does what it feels like because it considers itself just a body. But a person has feelings, emotions and dignity. If we don’t uphold the sanctity of our relationships in public, we may have to regret later on.

Avoid physical display of your love for
your partner at a public place.

 

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘ध्यान‘‘

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नमस्कार दोस्तो,

हम अपना ध्यान लगाये तो लगाये कहाँ? कोई कहता है, आज्ञा चक्र पर लगाइये और कोई कहता है कि हृदय पर लगाइये। मुझे लगता है कि अगर आपको अपने जीवन में प्रेम को बढ़ाना है तो आपको ध्यान, हृदय यानि अनाहद चक्र पर ध्यान लगाना होगा और यदि आपको युद्ध जीतना है या तार्किक बनना है, तो फिर आपको आज्ञा चक्र पर ध्यान लगाना चाहिए।

‘‘जीवन में प्रेम बढ़ाने के लिए हृदय अर्थात् अनाहद चक्र पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए
और तार्किक शक्ति बढ़ाने के लिए बुद्धि अर्थात् आज्ञा चक्र पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’’

Meditation

Good day friends,

Where should we focus during mediation: On ‘Aagya Chakra’ or on ‘Hridaya Chakra’? I believe that one should focus on Aagya Chakra to sharpen his logic or to win a battle. If one wants to increase love in his life, he needs to focus on Hridaya Chakra.

‘Focus on Aagya Chakra to sharpen logic, and on Hridaya Chakra to increase love in life’

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘आसक्ति’’

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हम जब लोगों को किसी ना किसी चीज से Attachment हो जाता है, आसक्ति हो जाती है और ये आसक्ति हमारे दुःखों का कारण बनता हैं, तो सवाल यह बनता है कि Attachment यानि आसक्ति को दूर कैसे भगाया जाए?
मैं आपको एक Idea देता हूँ, आसक्ति को हटाने के लिए आपको जिस चीज में आसक्ति है, उसमें कमियां देखनी होगी, जैसे-जैसे कमियां ढ़ँूढ़ते जायेंगें, आसक्ति कम होती जाएगी।

‘‘आप आसक्ति को हटाना चाहते है, तो आपको जिस चीज से
आसक्ति हो, उस चीज में कमियां ढ़ूँढ़ना आरम्भ करना चाहिए।

Attachment

It is said that attachment is the source of all our sorrows. Then how do we get rid of our attachments? I have an idea. Start looking for flaws in the object of your attachment. As the list of the flaws will increase, your attachment to the object will weaken.

Prof. Sanjay Biyan

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आज का विचार-‘‘डर से मुक्ति’’

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अक्सर लोग मुझसे एक सवाल पूछते है कि डर से छुटकारा कैसे पाएं? तो देखिए, जिस चिज का अस्तित्व ही नहीं है, तो उससे छुटकारा कैसे पाया जा सकता है? मुझे लगता है डर के लिए बहुत कल्पनाएं करनी पड़ती है। आप अपनी कल्पनाओं को बंद करिये और डर से मुक्ति पाइये।

‘‘डर से मुक्ति पाने के लिए अस्तित्वहीन/व्यर्थ
कल्पना को बंद करना चाहिए।’’

Freedom from fear

People often ask me of ways to get rid of fear. But how do we get rid of something that doesn’t exist? We create our fears through our imagination. Stop imagining useless stuff, and there will be no fear.

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘एकाग्रता’’

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मन…., मन यानि बहुत सारे विकल्पए जब मन बहुत सारे विकल्प में लग जाता है तो हमारी इच्छाशक्ति बहुत कमजोर हो जाती है। लेकिन यही मन जब किसी सही विकल्प पर लग जाता है तो इसे एकाग्रता कहत है। अगर हम चाहते है कि हम एकाग्र बने तो मन को किसी एक विकल्प पर लगाना होगा।

‘‘मन बहुत से विकल्प प्रस्तुत करता है,
लेकिन मन को किसी एक विकल्प पर लगा देने से एकाग्रता बढ़़ जाती है।’’

Concentration

Too many options distract us, making our performance mediocre. Our concentration increases manifold when we have only one option before us.

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘परिस्थितियाँ‘‘

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आज का विचार है कि, जब आप किसी रास्ते से गुजर रहे हो तो लोग आप पर पत्थर फेंक सकते है, लोगों का पत्थर फेंकें जाना आपके अधिकार में नहीं है, लेकिन उस पत्थर से आप बनाते क्या है? उसी से आपकी सफलता तय होती है।

‘‘परिस्थितियों का सामना कैसे करें?
सफलता इसी बात पर निर्भर है।’’

Circumstances

Your success depends on how you handle a situation. If people cast stones on you, how you respond matters. You can’t stop them, but what you make of those stones will be entirely your choice.

Success depends on how it is to face situations.

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘टालमटोल‘‘

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कुछ लोग काम को टालते रहते है। आज नहीं, कल करेंगं, और उनका वो कल कभी नहीं आता है। जरा सोचिए ऐसा क्यों होता है?
मैं बताता हूँ आपको, ऐसा इसलिए होता है कि वो जो भी काम कर रहे है, उन्हें उसमें बिल्कुल भी रूचि नहीं है। या तो आप रूचिकर काम करिये या काम को रूचि बना लीजिए।

‘‘आप रूची कर काम किजिए,
या फिर काम को रूचिकर बनाये’’

Procrastination

Some people keep postponing their works to other day. They do so because the work at hand doesn’t interest them. A man should either take up a work of interest, or make his work interesting.

Do you work interesting or make the job interesting

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘शिक्षा व्यवस्था‘‘

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आज का विचार शिक्षा व्यवस्था पर हैं। हमारे युवा नौकरियां तो करना चाहते है, और Start-up नहीं करना चाहते, क्यों? आइये जरा इसे गहराई से समझे। देखिये हमारा Education System चाहे स्कूल हो या College  हो वो, Logical Thinking पर काम कर रहा है और Logical Thinking पर काम करने वाले Follower  बना करते है। अगर हम Leader  तैयार करने हैं तो हमें Education  में Creativity  को बहुत बढ़ाना होगा

‘‘लोजीकल थिंकिंग से बच्चें फॉलोवर बनते हैं,
जबकि लीडर बनने के लिए क्रिएटिव थिंकिंग होना जरूरी है।’’

Education System

Our youths want jobs. Very few want to be entrepreneurs. Why is it so? Our education system, be it in schools or colleges, promotes logical thinking. Those who work on logical thinking become followers. To create leaders, our education should spur creativity.

‘Logical thinking creates followers, 
creative thinking creates leaders.’

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘मौन‘‘

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नमस्कार दोस्तो,
हम कई बार लोगों को बातें समझाते है, परन्तु उन्हें समझ नहीं आती। जब हम वाणी से थक जाते है तो मैं आपको एक आइडिया दूंगा, आप दूसरी भाषा का इस्तेमाल करें और वो भाषा है, ‘‘मौन’’ की भाषा, जो कि बहुत गहरी है। वाणी मस्तिष्क तक जाती है, परन्तु मौन दिल तक दस्तक देता है। आजमाइये और देखिए मौन की भाषा एवं उसका असर।
‘‘जो बात वाणी से नहीं समझाई जा सकती,
वो मौन से आसानी से समझाई जा सकती है।’’

Silence

Many times, we explain something but people don’t understand that. Here, I can help you. When words fail, resort to silence. Sound reaches mind, silence touches heart. Use silence and experience its power.

‘Silence conveys what words can’t’.

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘खुद को बदलें, दूसरों को नही‘‘

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नमस्कार दोस्तो,
कल्पना करिये, आपके घर में आपके ही जैसा एक और व्यक्त्ति आ जाए, तो क्या आप इतने आराम से रह सकेंगें? नही ना…………. तो फिर आप ये कोशिश क्यों करते है कि सभी व्यक्त्ति आप जैसे हो जाये, ये 700 करोड़ लोगों की अपनी दुनिया सभी व्यक्त्ति अलग-अलग तरह के हैं। आइये हम उन सभी लोंगों का आदर करें, एवं यदि बदलना हो तो खुद को बदलने पर ही ध्यान दें।
‘‘हर व्यक्त्ति अद्वितीय है,
दूसरो को बदलने के बजाय स्वयं को बदलने का प्रयास करें।’’

Change Yourself, Not Others

Imagine that a lookalike of yours comes to live with you. Will you be able to live peacefully then? Certainly not. Then why do you want people to change and be like you. Around 700 crore people live on this Earth. Let’s respect them all. If need arises, we should try to change ourselves.

‘Every human being is unique. Change yourself, not others.’

Prof. Sanjay Biyani

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